Thursday, December 26, 2013

Cinnamon (Daalchini): सर्दियों में गुणकारी है दालचीनी

स्‍वाद और सुगंध से भरपूर दालचीनी को मसालों में अहम स्‍थान दिया गया है। यह श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में बहुतायत में मिलता है। यह एक वृक्ष की छाल होती है। यह गरम मसाला तो है ही यह पाचन, वातहर, स्तंभण, गर्भाशय उत्तेजक, गर्भाशय संकोचक एवं शरीर उत्तेजक है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम भी ठीक हो जाता है। इसे मैक्‍सिको में चॉकलेट बनाने की विधि में भी प्रयोग किया जाता है। आइये जानते हैं दालचीनी के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में-




1. दालचीनी का उपयोग मधुमेह में काफी लाभप्रद है। भोजन में दालचीनी पाउडर का 1 चम्‍मच रक्‍त में शर्करा का स्‍तर कम करता है। इसके प्रयोग से टाइप टू डायबीटिज में रक्‍त शर्करा 18 से 24 फीसदी तक कम हो सकती है।


2. दालचीनी गर्म होती है, इसलिये जाडे़ के दिनों में इसके प्रयोग से सर्दी, खांसी जुखाम से राहत मिलती है।


3. जोड़ों के दर्द में रोज सुबह आधा चम्‍मच दालचीनी पाउडर को एक बडे़ चम्‍मच शहद में मिला कर सेवन किया जाए तो बहुत जल्‍द लाभ होता है।



4. यह पाचक रसों के स्त्राव को भी उत्तेजित करती है। दांतों की समस्याओं को दूर करने में भी यह उपयोगी है।

5. कब्‍ज होने पर 1 ग्राम दालचीनी और 5 ग्राम छोटी हरड़ का चूर्ण मिला कर रात्रि में लें। - दांत में कीड़ा लगने, दर्द होने पर दालचीनी के तिेल में भीगी रूई का फाहा लगाने से आराम आता है।

6. दालचीनी को पानी में उबाल कर शहद मिला कर सुबह पीने से मोटापे से छुटकारा मिलता है।

7. हृदय रोगियों को चाहिये कि रोटी और ब्रेड पर शहद और दालचीनी लगाकर खाएं। प्रतिदिन ऐसा करने से रक्‍तवाहिनियों में चर्बी नहीं जमती।



8. दो चम्‍मच शहद और दालचीनी का पाउडर गर्म पानी में मिला कर पीने से कुछ ही समय में कोलेस्‍ट्रॉल कम हो जाता है। इस घोल को दिन में दो से तीन बार पीजिये।

9. दालचीनी के तेल की कुछ बूंदें कान में डालने से कम सुनाई देने की समस्‍या से छुटकारा मिलता है।

10. दालचीनी मैंगनीज का भंडार है। इससे स्‍मरण शक्‍ति बढ़ती है। इसलिये बच्‍चों , महिलाओं, मानसिक श्रम करने वालों को ब्रेड पर मक्‍खन या शहद के साथ आधा चम्‍मच दालचीनी का पाउडर लगा कर सुबह शाम लेना चाहिये।